Friday, February 2, 2024

*राम मंदिर और रेलवे स्टेशन की स्वरूप करने वाली फार्म आर्किटेक्चर फर्म मुरलेज (MURALAGE ) आर्किटेक्ट लखनऊ में बनाया गया

 

राम मंदिर और रेलवे स्टेशन की स्वरूप करने वाली फार्म आर्किटेक्चर फर्म मुरलेज (MURALAGE ) आर्किटेक्ट लखनऊ में बनाया गया



 *लखनऊ* - राष्ट्रीय अकादमी कस्टम अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स ( NACIN) की नई ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमल द्वारा पालसमुद्रम जिला अनंतपुर आंध्र प्रदेश में किया है। यह राष्ट्रीय अकादमी देश की पहचान में एक बहुत ही खूबसूरत एवं शानदार उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है । जिसकी परिकल्पना एवं आर्किटेक्चर डिजाइन करने वाली संस्था देश की जानी-मानी आर्किटेक्चर फर्म मुरलेज (MURALAGE ) आर्किटेक्ट जिसका मुख्यालय लखनऊ में है, साथ ही नई दिल्ली, मुम्बई आदि कई मेट्रोपॉलिटन शहरों में ऑफिस खोला गया है। जिसके मुख्य आर्किटेक्ट सविता अग्रवाल, एवं पार्टनर आर्किटेक्ट सुमित अग्रवाल, आर्किटेक्ट नमीत अग्रवाल एवं आर्किटेक्ट इरा खुल्बे अग्रवाल हैं । यह 50वषों से देश की सेवा में समर्पित फर्म ने निकॉन सरकारी और सरकारी प्राइवेट बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों का डिजाइन किया है अभी चंद दिनों पहले अयोध्या में प्रभु श्री राम के मंदिर के स्वरूप को लेते हुए अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन की परिकल्पना एवं डिजाइन इसी फर्म के द्वारा किया गया है जिसका उद्घाटन भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमल के द्वारा किया गया था। यह मुरलेज आर्किटेक्ट फर्म देश में सबसे ज्यादा मेडिकल कॉलेजों ,सुपर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल्स, मेमोरियल बिल्डिंग और बड़े-बड़े रेजिडेंशियल बिल्डिंगों कॉम्प्लेक्सों का निर्माण करने वाली अग्रणी फर्म के रूप में जानी जाती है। जिसको कई राज्यों एवं केंद्र सरकारों से कई महत्वपूर्ण अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। 


यह अकादमी बहुत ही खूबसूरत तरीके से डिजाइन किया है, जो अपने आप में देश में एकलौती बिल्डिंग के रूप में है, जिसे गृहा रेटिंग में पांचवां स्टार बिल्डिंग रेटिंग है। 

 इस अकादमी में अप्रत्यक्ष कर, कस्टम, नारकोटिक्स, इनकम टैक्स, ईडी और डायरेक्ट इनडायरेक्ट टैक्स के ऑफिसर्स की ट्रेनिंग के लिए संस्थान बनाया गया है । जिसका देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। करीब 50 प्रतिशत राजस्व इन्हीं क्षेत्रों के से देश की सरकार को प्राप्त होता है । यह साइट आंध्र प्रदेश और बेंगलुरु हैदराबाद राजमार्ग पर 500 एकड़ भूमि पर निर्मित किया गया है । इस साइट में पर्याप्त प्राकृतिक विशेषताएं हैं। और यह पलासमुद्रम टैंक के बगल में स्थित है। इस साइड से होकर पहले पलासमुद्रम तक जाने वाली विभिन्न सुन्दर धाराएं हैं। यह साइट अपने आप में बहुत ही खूबसूरत मनोरम जगह के रूप में जानी जाती है । इसमें विभिन्न पठारों और उच्चें पत्थरों के साथ एक खूबसूरत स्थल कृत परियोजना के लिए मास्टर प्लानिंग मुरलेज आर्किटेक्चर के द्वारा साइट पर पहले से मौजूद स्थलाकृति, प्राकृतिक एवं वनस्पति और पेड़ आज सहित विभिन्न प्राकृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए की गई है। 

प्रशासनिक भवन को साइड के पहले ऊंचे ऊंचे पठार पर बनाया गया है, जहां से इसे मुख्य राजमार्ग के साथ-साथ सड़क के किनारे बिल्डिंग तक पहुंचने वाले अनेक सुंदर बिंदु से भी स्पष्ट दिखाई देता है।यह इमारत अपने आप को तब तक प्रकट करती है जब तक सड़क से उसे बिंदु तक नहीं पहुंच जाता है। इमारत को दो पूर्ण वर्गों के बीच इस तरह से डिजाइन किया गया है, कि प्रत्येक स्थान को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सूर्य की रोशनी और वेंटीलेशन प्राप्त होता रहे। इस इमारत को अनेक सार्वजनिक समारोहों और डिस्प्ले हाल जैसी जगहों को रखने के लिए किया गया है। बिल्डिंग के निचली मंजिलों पर और ऊपरी मंजिलों पर वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यालय बनाए गए हैं। 

इस अकादमी परिसर के भीतर निचले रास्ते से आगे बढ़ते हुए हम अकादमिक परिषद में पहुंचते हैं , जिसमें एक गोलाकार मुख्य अकादमी भवन शामिल है,यहां से सभी व्याख्यान कक्ष, प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब बनाया गया है, जो दो त्रिकोण आकार के इमारत के साथ विशिष्ट रूप से एक ऐसे आकार में डिजाइन किया गया है, जिसमें सामान्य स्थान के साथ कई खूबसूरत छटा के रूप में दिखती है। त्रिकोण के तीन कोणों पर असेंबली हाल और कार्यालयों को इस तरह से डिजाइन किया गया है, इसमें कि सीधे प्राकृतिक प्रकाश और वेंटिलेशन प्राप्त होता है । इन इमारतों को इन प्राकृतिक प्रकाश से इसकी अलग ही खूबसूरती देखने को मिल रही है। मुख्य वृताकार भवन के रेडियल इस प्रकार संरचना किया गया है जो देखने में बहुत ही दिव्य भव्य लगती है। 

यह बिल्डिंग एक ओर

रेडियल पलासमुद्रम टैंक की ओर जा रहा है, जिसमें सभागार भवन और हेलीपैड की योजना बनाई गई है, और मुख्य गोलाकार शैक्षणिक भवन पलासमुद्रम टैंक पर खुलता है, ताकि झील का विशालकाय स्वरूप और विभिन्न गलियारों और शैक्षणिक भवनों के अन्य स्थानों से उपलब्ध हो सके। यहां की भूमि तमाम शैक्षणिक भवनों से जलाशय की और नीचे की ओर जाती है,और एमपी थिएटर की भी इस दूरी से दूसरे छोर पर योजना बनाई गई है। 

पलसमुद्राम टैंक के किनारे विजिटिंग फैकल्टी के लिए फैकल्टी आवास और गेस्ट हाउस की योजना बनाई गई है। यह सभी इमारतें आगे से जुड़ी हुई हैं। 

अकादमी में छात्रावास भवन के साथ-साथ यहां के अधिकारियों कर्मचारियों एवं ट्रेनिंग लेने वाले अधिकारियों के लिए आवासीय भवनों और खेल भवनों को बनाया गया है ,तथा उसके जाने के रास्ते मास्टर प्लानिंग स्तर पर परिसर में और नीचे जाते हुए इस परियोजना की कल्पना ज्ञान के जीवन के रूप में स्थान देने वाली सभी विभिन्न योजना के भीतर विभिन्न घटकों जैसे संस्थागत, सार्वजनिक, आवासीय स्थान को एक साथ लाने की योजना के रूप में की गई है । 

 साइड के प्रवेश द्वार से लेकर साइट के नीचे की तरफ वाले हर स्थान को एक साथ देखे जा सकते हैं। यहां सभी तरीके से हरियाली एक साथ आकर लहरदार रास्ते और क्रॉस वेंटीलेशन के साथ क्रॉसिंग सड़कों के साथ ज्ञान के जीवन की तरह एक संरचना बनती है।

पलसमुद्राम टैंक के किनारे प्राकृतिक रेखा, काउंटर बिंदुओं पर जल निकायों की योजना बनाई गई है, जहां प्राकृतिक धाराएं पहले से ही बहती हैं। जिससे साइट पर सूचना और जलवायु का निर्माण होता है।

यह नई राष्ट्रीय अकादमी जो प्रत्यक्ष कर कस्टम और नारकोटिक्स विभाग के विभिन्न प्रकार के कार्यों और प्रयोजनों के लिए बनाई गई है । यह पूरा परिसर की योजना गृहा फाइव रेटिंग परियोजना के रूप में बनी है जो देश में इस प्रकार की परियोजना के लिए उपलब्ध उच्चतम रेटिंग है।

Saturday, January 13, 2024

भाषा विश्वविद्यालय: 8वें दीक्षांत समारोह में, मिले पदक, खिले चेहरे*

 *भाषा विश्वविद्यालय: 8वें दीक्षांत समारोह में, मिले पदक, खिले चेहरे* 



 *लखनऊ* - ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। बतादें कि सीतापुर हरदोई रोड अवस्थित ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में 8वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह विश्वविद्यालय की शोभा यात्रा के साथ प्रारम्भ हुई। शोभा यात्रा के पश्चात राष्ट्रगीत वन्देमातरम हुआ। जिसके बाद कलश जल भरण हुआ।

जल भरण कार्यक्रम के बाद कुलगीत जो कि कवि गजेन्द्र सिंह सोलंकी जी के द्वारा रचित का गायन हुआ। समारोह के स्वागत भाषण देते हुए विश्वविद्यालय  के माननीय कुलपति प्रो. नरेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि अष्ठम दीक्षांत में आए सभी का स्वागत किया। कुलपति ने कहा कि माननीय राज्यपाल के मार्गदर्शन से विद्यार्थी चरित्र निर्माण कर रहें हैं। प्रो. सिंह ने केरल के राज्यपाल को राष्ट्रवाद के संवाहक के रूप में योगदान दे रहे हैं। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है। भाषा विश्वविद्यालय के विद्यार्थी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विश्वविद्यालय का नाम रौशन कर रहें हैं। उसके बाद सभी संकाय अध्यक्षों ने अपने अपने संकाय के पदक एवं पीएच. डी. उपाधि धारको के लिए माननीय कुलपति के द्वारा उपाधि एवं दीक्षा देने की घोषणा की। दीक्षा कार्यक्रम के पश्चात माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सभी की डिग्रियां को डिजी लॉकर पर अपलोड करने का उदघाटन किया गया। इसके पश्चात पीएच. डी. डिग्रियों का वितरण किया गया। इसके बाद पदक वितरण कार्यक्रम संपन्न हुआ।


 जिसमें मुख्यत : शादाब आलम को 3 स्वर्ण पदक, अश्वनि बर्नवाल को 3, प्रिया को 2 स्वर्ण पदक, शाकिर हुसैन को तीन स्वर्ण पदक, देवेन्द्र को 2 स्वर्ण पदक, चन्द्रकेतु को 02 स्वर्ण पदक, हर्ष्टिता को 02 स्वर्ण पदक सहित विभिन्न कक्षाओं के स्वर्ण पदक, रजत पदक और कांस्य पदक माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल, श्री आरिफ मोहम्मद खान, योगेन्द्र, उच्च शिक्षा मंत्री, उपाध्याय, रजनी तिवारी, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री और कुलपति प्रो. नरेन्द्र बहादुर सिंह ने प्रदान किए। इसके बाद पद्मभूषण प्रो. कपिल कपूर को डी. लिट की उपाधि राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा प्रदान की गई। समारोह को संबोधित करते हुए विशिष्ठ अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि डिग्री लेने के पश्चात विद्यार्थियों को सामाजिक योगदान अवश्य देना चहिए।

समारोह में इसके बाद केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने सम्बोधित करते हुए कहा कि भाषा विश्वविद्यालय के मोटो, भाषा विश्वम योजयति को अपने अंदर विकसित करने की सलाह दी। खान ने कहा कि अधिक भाषा के जानकार का चेतन स्तर दूसरों के तुलना में अधिक संवेदनशील होता है। राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान  ने कहा कि मानव का शरीर ही परमात्मा है। इसके बाद भारतीय प्रादेशिक लोकगीत पुस्तक का विमोचन हुआ साथ ही विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन भी राज्यपाल महोदय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अगले सत्र में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांवों के विद्यार्थियों को उपहार दिए गए। इसके साथ ही गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी किट एवं उपहार का वितरण हुआ। कार्यक्रम के अगले सत्र में विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत सभी को संबोधित करते हुए कहा कि सभी पदक एवं उपाधि प्राप्त कर्ताओं को बधाई दी। राज्यपाल ने कहा कि भारत के उदय का कारण यहां के विश्वविद्यालयों का अग्रसर होना है। आपने कहा कि भाषा विश्वविद्यालय को भी निश्चित तौर पर A++  के लिए प्रयासरत होना चाहिए। सभी विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का अर्जन समाज के हित में लगाना चाहिए। उन्होंने छात्राओं के हीमोग्लोबिन की जांच करने को निर्देशित किया साथ ही महामहिम ने यह भी कहा की यदि किसी छात्रा का हीमोग्लोबिन कम निकलता है तो उसके अभिभावक को बुला कर उनकी काउंसलिंग की जाए एवं जांच रिपोर्ट को राजभवन भेजी जाए इसके साथ साथ उन्होंने विश्विद्यालय परिसर की सफाई को सुनिश्चित करने का निर्देशित किया। राज्यपाल ने कहा कि भाषा विश्वविद्यालय सभी विषयों में NEP लागू किया है। उन्होंने भाषा के द्वारा समन्वय, विकास की प्रस्तावना पर जोर दिया। पटेल ने कहा कि भारत भाषा के मामले में समृद्ध है। इसी के आधार पर हमें अपनी सांस्कृतिक सरंक्षण भी प्राप्त होता है।

दीक्षांत समारोह का संचालन डॉ. नीरज शुक्ला ने किया। दीक्षांत समारोह के दौरान विश्व विद्यालय के सभी शिक्षक, अधिकारी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी सहित भारी तादाद में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Wednesday, January 10, 2024

*शेड्स ऑफ ड्रीम ने सजाई साहित्य और सुरों की महफ़िल

 *शेड्स ऑफ ड्रीम ने सजाई साहित्य और सुरों की महफ़िल*


 *लखनऊ* - जब एक ही मंच पर कविता, शायरी पढ़ी जा रही हो और साथ में संगीत कलाकार अपने सुर बिखेर रहे हो,श्रोता उनकी प्रस्तुति के मुरीद होकर तालियाँ बजा रहे हो। तो वह महफ़िल अपने आप ही अनूठी और शानदार हो जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा दिखा लखनऊ के हजरतगंज के आर्टिस्ट बेयरफुट स्टूडियो में शेड्स ऑफ ड्रीम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में। जहाँ बड़ी मात्रा में कवि, शायर और संगीत सहित तमाम विधाओं के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूपी सरकार के पीसीएस अधिकारी रजत पांडेय रहे। इसके अलावा प्रमुख अतिथियों में दीपक गोस्वामी(मैनेजर इंडियन बैंक), राष्ट्रीय कवियत्री वंदना विशेष, दीपिका गोस्वामी एवं आकृति तिवारी की विशेष उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का शेड्स ऑफ ड्रीम द्वारा स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि रजत पांडेय ने कहा कि अपने आज को बेहतर तरीके से जियो तो कितनी भी विषम परिस्थिति हो,आगे की राह अपने आप बन जाएगी इसके अलावा अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। राष्ट्रीय कवियत्री वंदना विशेष के काव्यपाठ ने श्रोताओं का मन मोहा वही चर्चित हास्य कवि अंकुर पाठक ने अपनी रचनाओं से महफ़िल लूट ली, उनकी साहित्यिक सेवाओ के लिए उन्हें टीम द्वारा साहित्य सम्मान प्रदान किया गया। हर्षित सिंह दीपू, काव्या मिश्रा, प्रांजल जायसवाल ,अमित यादव अनंत ने भी विशेष प्रस्तुति दी। मंच का संचालन हर्षित सिंह और अंकुर आनंदित ने किया। कार्यक्रम के अंत मे विभिन्न विधाओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया तथा समस्त प्रतिभागियों को सम्मान पत्र का वितरण किया गया।कार्यक्रम के प्रमुख संयोजक मो.फैसल ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विजय चौधरी,राजेन्द्र, जूही मध्यान,आकांक्षा सिंह सहित सैकड़ों कवि शायर,संगीत कलाकार और श्रोता उपस्थित रहे।

Saturday, January 6, 2024

हैदरगढ़ तहसील के बरावां ग्राम के निवासी सुधांशु सिंह का राजस्व विभाग के राजस्व लेखपाल पद पर चयन

 *हैदरगढ़ तहसील के बरावां ग्राम के निवासी सुधांशु सिंह का  राजस्व विभाग के राजस्व लेखपाल पद पर चयन


हैदरगढ़ तहसील के बरावां ग्राम के निवासी सुधांशु सिंह का चयन हाल ही में राजस्व विभाग के राजस्व लेखपाल पद पर हुआ है, उनके पिता राजस्व विभाग में ही बतौर राजस्व निरीक्षक तहसील कैसरगंज में तैनात हैं। इसके पूर्व भी सुधांशु के तमाम नौकरियों में अन्तिम चयन रुकते रहे हैं।

VDO पुनर्परीक्षा 2018 में भी इनके 241 अंक हैं, साथ ही हाल ही में हुई कनिष्ठ सहायक परीक्षा में भी बहुत अच्छे अंक हैं जिसमे परिणाम आते ही इन परीक्षाओं में भी इनका चयन सुनिश्चित है. इन उपलब्धियों से परिजनों में खुशी की लहर है!

वर्ष 2016 से ही प्रतियोगी परीक्षाओं में बहुत सी परीक्षाएं इन्होंने उत्तीर्ण की हैं तथा प्रारंभिक अर्हता परीक्षा 2021 में 100 में 86 से अधिक अंक लाकर ये लेखपाल मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हुए तथा लेखपाल मुख्य परीक्षा में 100 में 88.50  सर्वोच्च प्रकार के अंकों के साथ  राजस्व लेखपाल के पद पर चयनित हुए हैं..!

सुधांशु बेहद प्रतिभा के धनी हैं तथा उच्च शिक्षा में प्रवीण हैं बातचीत के दौरान इन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट परीक्षा में भी इनके अंक 89% के करीब थे, इन्होंने हिन्दी और समाजशास्त्र में दो भिन्न भिन्न विषयों में परस्नातक किया है, तथा 2021 में ही इन्होंने अपनी वकालत की डिग्री, पूर्ण कर स्वयं सरकारी नौकरी को अपने करियर और जीविका का माध्यम बनाया ये नौकरी इनके परिवार के पांचवी सरकारी सेवा है, आपको बताते चलें कि इनके पिता,  बड़े भाई, भाभी, व बहन पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत हैं।

सुधांशु अपनी इस सफ़लता का श्रेय अपनी बड़ी बहन, एवं माता-पिता तथा अन्य परिवार के सदस्यों समेत सभी गुरुजनों और अपने पूर्व में चयनित मित्रों को देते हैं। सुधांशु विभिन्न समूहों के माध्यम से हजारों प्रतियोगी अभ्यर्थियों को अपने अनुभव से मार्गदर्शन भी प्रदान कर रहे हैं..!

Tuesday, November 28, 2023

GID हाउसिंग कंपनी के टप्पेबाज डायरेक्टर के हौसले बुलंद,पैसे ले कर मकान देने का वादा कर मकान नहीं दिया।

 GID हाउसिंग कंपनी के टप्पेबाज डायरेक्टर के हौसले बुलंद,पैसे ले कर मकान देने का वादा कर मकान नहीं दिया।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की क्राइम के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के बावजूद भी राजधानी लखनऊ के GID हाउसिंग कंपनी के डायरेक्टर शिवेंद्र सिंह और मैनेजर महेंद्र प्रताप सिंह के हौसले बुलंद है। शायद यही वजह ही कि लोगो से मकान बना कर देने के नाम पर रुपया तो ले लिए गए। पर कई साल बीत जाने पर भी मकान नही दिया। और ना रुपया वापस किया गया। और रुपया वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी जाने लगी। बताया ये भी जा रहा है कि शिवेंद्र सिंह (डायरेक्टर) और महेंद्र प्रताप सिंह (मैनेजर) आफिस में गुंडे पाल रखे थे जिससे वो लोगो को डराने और धमकाने का काम करवाते थे। जब लोगो ने इसकी लिखित तहरीर अलीगंज थाने में दी तो शिवेंद्र सिंह (डायरेक्टर) महेंद्र प्रताप सिंह (मैनेजर) फरार हो गए। और 20/11/2023 को पुलिस टीम को जानकारी मिलती है कि GID हाउसिंग कंपनी के डायरेक्टर शिवेंद्र सिंह और ब्रोकर केशवनगर मोड़ पर खड़े ही और कही बाहर फरार होने की फिराक में हैं।तभी पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों शातिर टप्पेबाज़ों को केशवनगर मोड़ पर गिरफ्तार किया गया। पर सोचने वाली बात ये है की अब इन लोगो के सर पर छत कैसे मिलेगी।और क्या शिवेंद्र सिंह डायरेक्टर क्या लोगो का पैसा लौटाएंगे या रसूख के दाम पर छूट जाएगे और महेंद्र प्रताप सिंह (मैनेजर) अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।



Sunday, November 5, 2023

लखनऊ पब्लिक कालेज आफ प्रोफेशनल स्टडीज, गोमती नगर लखनऊ में समाजवादी शिक्षक सभा उत्तर प्रदेश की प्रथम कार्यकारिणी की बैठक एवं मनोनयन पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


लखनऊ पब्लिक कालेज आफ प्रोफेशनल स्टडीज, गोमती नगर लखनऊ में समाजवादी शिक्षक सभा उत्तर प्रदेश की प्रथम कार्यकारिणी की बैठक एवं मनोनयन पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


 लखनऊ

रिपोर्ट - अंकित रावत 

लखनऊ पब्लिक कालेज आफ प्रोफेशनल स्टडीज, गोमती नगर लखनऊ में समाजवादी शिक्षक सभा उत्तर प्रदेश की प्रथम कार्यकारिणी की बैठक एवं मनोनयन पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम शिक्षक सभा के सभी मण्डल प्रभारियों द्वारा जनपदवार समाजवादी शिक्षक सभा के पदाधिकारियों का परिचय करवाया गया एवं तत्पश्चात प्रदेश पदाधिकारियों का परिचय करवात हुए सभी पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र वितरित किए गये। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे,

समाजवादी शिक्षक सभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ एस पी सिंह पटेल जी ने सभी पदाधिकारियों का स्वागत एवं धन्यवाद दिया। प्रदेश अध्यक्ष जी ने सभी पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वह वर्तमान निरंकुश एवं शिक्षक विरोधी उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष धारा 12, धारा 18, धारा 21 एवं पुरानी पेंशन बहाल करवाने हेतु एक जन आंदोलन खड़ा करना होगा और अपनी मांगों को पूरा करवाने हेतु इस सरकार को मजबूर करना होगा। कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए शिक्षक सभा के प्रदेश प्रमुख महासचिव डॉ कमलेश यादव जी ने शिक्षक सभा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षक सभा को मजबूत बनाने पर बल दिया। लखनऊ पब्लिक कालेज के प्रबंधक श्री एस पी सिंह पटेल जी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान सरकार में सभी वर्ग दुखी और पीड़ित हैं। वर्तमान सरकार में शिक्षकों एवं जनमानस का कल्याण होने वाला नहीं है, इसके लिए समाजवादी सरकार का आना आवश्यक हैं ।कार्यक्रम में प्रदेश कोषाध्यक्ष श्रीमती अंशु चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष सर्वश्री डॉ निर्भय सिंह गुर्जर, शाह आलम खान, जंगबहादुर पटेल, गुमान सिंह यादव, कौशल कुमार भदौड़ा, प्रदेश महासचिव सर्वश्री राम सजीवन रावत, दिग्विजय पटेल, डॉ प्रमोद यादव, डॉ जितेन्द्र प्रसाद मिश्र, डॉ शाकिब, श्री रामलाल विश्वकर्मा, प्रदेश सचिव सर्वश्री डॉ आकिल हुसैन, माणिदेव मल्ल, डॉ शरद वर्मा, श्री दिनेश सिंह एवं डॉ आशुतोष वर्मा के अतिरिक्त प्रदेश के सभी पदाधिकारी, सभी ज़िलों के अध्यक्ष एवं महासचिव उपस्थित रहे।  

Wednesday, November 1, 2023

एनसीसी निदेशालय उत्तर प्रदेश के एनसीसी कैडेटों ने एकता दिवस पर आयोजित रन फार यूनिटी में लिया हिस्सा

एनसीसी निदेशालय उत्तर प्रदेश के एनसीसी कैडेटों ने एकता दिवस पर आयोजित रन फार यूनिटी में लिया हिस्सा

रिपोर्ट - ब्यूरो चीफ अंकित रावत 

 लखनऊ 31 अक्टूबर को अखंड भारत के हस्तशिल्पी सरदार वल्लभ भाई पटेल के अप्रतिम योगदान को स्मरण करने के लिए आयोजित कैडेट्स के उमंग एवं उत्साह से भरपूर कार्यक्रम *यूनिटी डे रन* का साक्षी बना

  भारत सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता के बावजूद अपनी एकता के लिए जाना जाता है। 1.4 बिलियन से अधिक लोगों की आबादी वाला देश होने के बाद भी यहां के लोग एकजुटता की एक सामान्य भावना के साथ एकजुट हैं। इस विशेष कार्यक्रम‌ यूनिटी डे रन को सभी के बीच एकता का संदेश फैलाने के लिए वार्षिक रूप से मनाया जाता है ।

*एनसीसी निदेशालय उत्तरप्रदेश जोकि लगभग 11 ग्रुप मुख्यालयों और उनकी 110 एनसीसी यूनिटों को नियंत्रित करता है,* ने राज्य में विभिन्न स्थानों में एकता दिवस समारोह की गतिविधियों में एनसीसी कैडेट्स की भागीदारी को सुनिश्चित किया । ये कैडेट एनसीसी के मोटो एकता और अनुशासन की भावना का अनुसरण करते हैं, ने बड़े उत्साह के साथ एकता दिवस की प्रतिज्ञा ली। लगभग 700 कैडेट्स और कर्मचारियों ने लखनऊ में एचएएल द्वारा आयोजित यूनिटी डे रन में भाग लिया। 

एनसीसी निदेशालय यूपी जमीनी स्तर पर राष्ट्र निर्माण में एक प्रमुख योगदानकर्ता रहा है और विभिन्न सामाजिक सेवा कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों के आयोजन में अग्रणी रहा है। *उत्तरप्रदेश एनसीसी निदेशालय 02 लाख कैडेट्स को प्रशिक्षित करता है* और प्रत्येक वर्ष ये छात्र (कैडेट) कई राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में भाग लेते हैं। विभिन्न स्थानों पर एकता दिवस में कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी ने उनके तथा दर्शक जनता के हृदय में निश्चित रूप से एकता की‌ भावना का संचार‌ किया। 

धूमधाम से मनाई गयी सम्राट अशोक की जयंती

  धूमधाम से मनाई गयी सम्राट अशोक की जयंती  रिपोर्ट - अमित यादव   अटरिया क्षेत्र के ग्राम टिकौली मे अखंड भारत के निर्माता महान चक...